अखबार-ए-मशरिक के खातों में ₹60 करोड़ की संदिग्ध नकदी, बिटकॉइन खरीद का खुलासा; TMC सांसद नदीमुल हक पर ED का शिकंजा
उर्दू दैनिक 'अखबार-ए-मशरिक' और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ED के कोलकाता जोनल ऑफिस-2 की टीमों ने 7 से 9 सितंबर तक लगातार तीन दिन रांची, कोलकाता और नई दिल्ली के 9 ठिकानों पर छापेमारी की। इस तलाशी में रांची के कोकर स्थित अखबार के दफ्तर, सांसद का आवास, मेसर्स क्रेयॉन्स एडवर्टाइजिंग और मेसर्स मशरिक मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के ठिकाने शामिल थे।
जांच में सामने आया कि 'मेसर्स अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड' के कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ICICI बैंक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक के विभिन्न खातों में कुल मिलाकर 60 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध नकदी जमा कराई गई थी। इनमें से कर्नाटक बैंक के 3 ऐसे खाते, जिनमें करीब 5.60 करोड़ रुपये नकद जमा किए गए थे, कंपनी ने बाद में बंद करा दिए।
जांच एजेंसी को बिना किसी ठोस कारोबारी आधार के संदिग्ध और दागी स्रोतों से भारी मात्रा में बिटकॉइन (क्रिप्टोकरेंसी) खरीदने के पुख्ता सुराग भी मिले हैं। ED के मुताबिक, इन लेन-देन का कोई स्पष्ट व्यावसायिक औचित्य नहीं था। कार्रवाई के बाद एजेंसी ने कंपनी के बैंक खातों में मौजूद 5.25 करोड़ रुपये की राशि को तुरंत फ्रीज कर दिया है।